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सावधान! यूट्यूब पर मुकेश अंबानी का यह फर्जी विज्ञापन खाली कर सकता है आपका बैंक खाता

  • उद्योगपति मुकेश अंबानी के नाम पर यूट्यूब पर दिखाया गया एक फर्जी निवेश विज्ञापन बना पालमपुर के 81 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल के साथ हुई बड़ी साइबर ठगी का मुख्य कारण

  • शातिरों ने ऑनलाइन मीटिंग के दौरान पीड़ित के लैपटॉप का रिमोट एक्सेस अपने नियंत्रण में लेकर उनके फर्जी निवेश खाते में भारी-भरकम मुनाफा प्रदर्शित किया

  • घटना का खुलासा होने के बाद पीड़ित बुजुर्ग की ओर से तुरंत साइबर अपराध पुलिस थाना धर्मशाला में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई जिसकी पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है


साइबर ठगों ने यूट्यूब पर देश के दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी के नाम से निवेश का एक फर्जी विज्ञापन प्रसारित कर पालमपुर के 81 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। शातिरों ने इस विज्ञापन के माध्यम से पीड़ित को ऑनलाइन निवेश पर भारी और मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया, जिसके बाद बुजुर्ग ने उनके बताए अनुसार अपने विभिन्न बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर दिए।

इस शातिर ठगी को अंजाम देने के लिए अपराधियों ने ऑनलाइन मीटिंग के दौरान तकनीकी का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित के लैपटॉप का रिमोट एक्सेस अपने नियंत्रण में ले लिया। लैपटॉप पर पूरी तरह कब्जा जमाने के बाद उन्होंने फर्जी निवेश खातों में बड़ा मुनाफा प्रदर्शित किया, जिससे बुजुर्ग को अपनी गाढ़ी कमाई सुरक्षित और बढ़ती हुई महसूस होती रहे। जब पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ डिजिटल धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने बिना देर किए तुरंत साइबर अपराध पुलिस थाना धर्मशाला में मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस में दी गई प्रारंभिक शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना छह और सात सितंबर के बीच की है जब सेवानिवृत्त कर्नल ने यूट्यूब पर यह भ्रामक विज्ञापन देखा था। इस वीडियो विज्ञापन में उद्योगपति मुकेश अंबानी निवेश संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी और सुझाव देते हुए नजर आ रहे थे, जिससे पीड़ित को उन पर पूरा भरोसा हो गया।

विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उनका संपर्क ‘स्पोवा’ नाम के एक कथित निवेश मंच के प्रतिनिधियों से हुआ, जिन्होंने निवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इसके बाद ब्रिटेन के एक अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर से संपर्क करने वाले मुख्य व्यक्ति ने खुद को ‘शिजवान’ बताया था, जिसने इस पूरी ठगी की साजिश को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। फिलहाल, पुलिस और साइबर सेल की टीम इस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है ताकि इन शातिर साइबर अपराधियों तक पहुंचकर उन्हें जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।